सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित मण्डल स्तरीय विकेन्द्रीकरण

सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित पेंशन प्रकरणों के निस्‍तारण की प्रक्रिया का शुभारम्‍भ प्रदेश के माननीय मुख्‍य सचिव द्वारा दिनांक 4 जून,1999 को पेंशन निदेशालय में किया गया। जिसके अन्‍तर्गत इस निदेशालय में 9 कम्‍प्‍यूटर्स स्‍थापित किये गये हैं तथा इस हेतु नेशनल इन्‍फार्मेटिक सेंटर (एन0आई0सी0) द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर (आई.पी.एम.एस.) पर पेंशन प्रकरणों के निस्‍तारण की कार्यवाही का कार्य किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को अपनाने से कार्य में सुगमता के साथ तेजी आयी है और इससे त्रुटियों में कमी तथा अभिलेखों के रखरखाव तथा आवश्‍यकतानुसार उसके उपयोग में सुगमता हुई है। 1-4-2000 से प्रभावी पेंशन प्रकरणों के निस्‍तारण की मण्‍डलीय व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत स्‍थापित किये जा रहे कार्यालय में कम्‍प्‍यूटरीकृत व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत इन कार्यालयों में कार्य पहले दिन से ही कम्‍प्‍यूटर से सम्‍पादित किया जा रहा है।

                 सरकार का लक्ष्‍य है, कि सेवानिवृत्‍त शासकीय सेवक के पेंशन का निस्‍तारण इस प्रकार किया जाय,कि उसे सेवानिवृत्ति के ठीक बाद से सेवानैवृत्तिक लाभ प्राप्‍त होने लगें। पूर्व व्‍यवस्‍था इस लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने में प्रभावी नही रही। अत: राज्‍य सरकार द्वारा पेंशन प्राधिकार पत्रों के निर्गमन के कार्य की विभागीकरण प्रक्रिया के स्‍थान पर भौगोलिक रूप में विकेन्द्रित व्‍यवस्‍था के रूप में लागू किए जाने का निर्णय शासनादेश संख्‍या सा-697/दस-26-98, दिनांक 08 अक्‍टूबर,1999 द्वारा लिया गया है। जिसके अनुसार मण्‍डल मे स्थित समस्‍त कार्यालयों के (पुलिस विभाग को छोड कर ) समूह ‘ख’,’ग’ के कर्मचारियों/अधिकारियों के पेंशन प्राधिकार पत्रों के निर्गमन का कार्य अब मण्‍डलीय संयुक्‍त निदेशक कोषागार एवं पेंशन के कार्यालय द्वारा किया जा रहा है तथा प्रदेश के समस्‍त विभागों के समूह ‘क’ अखिल भारतीय सेवा एवं अन्‍य विशिष्‍ट पदधारियों के पेंशन प्राधिकार पत्रों के निर्गमन का कार्य पेंशन निदेशालय द्वारा सम्‍पन्‍न किया जा रहा है। समूह ‘घ’ की पेंशन स्‍वीकृति का कार्य पूर्व की भॉति कार्यालयाध्‍यक्ष द्वारा ही सम्‍पादित किया जा रहा है। इससे सेवा निवृत्‍त तथा सेवा काल में मृत शासकीय सेवकों के परिवार जनों के समय,श्रम एवं धन का अपव्‍यय तो रूका ही है साथ ही उनकी पेंशन सम्‍बन्‍धी समस्‍याओं का समाधान अपेक्षाकृत आसान और सुगम हो गया है। यह व्‍यवस्‍था 01-04-2000 से कम्‍प्‍यूटरीकृत व्‍यवस्‍था के रूप में लागू की गयी है। निदेशक पेंशन को इस मण्‍डलीय कार्यालयों द्वारा सम्‍पादित किए जा रहे कार्यो के पर्यवेक्षण,सम्‍प्रेक्षण और निरीक्षण का दायित्‍व सौंपा गया है। पेंशन देयों के कम्‍प्‍यूटर पर आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत प्रदेश के सभी मंडलों में पेंशन प्राधिकार पत्र निर्गत करने का कार्य किया जा रहा है। सचिवालय प्रशासन विभाग, विधान सभा तथा विधान परषिद सचिवालय इस योजना से आच्‍छादित नहीं है।